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महिलाओं द्वारा बनाये गये उत्पादों को बाजार उपलब्ध करायेगा नगर निगमः मेयर

महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने में जुटा नगर निगम

नगर निगम के आजीविका केन्द्र के माध्यम से महिलाओं को मिल रहा रोजगार

 

रूद्रपुर। नगर निगम की ओर से गांधी पार्क के पास संचालित नगर आजीविका केन्द्र में महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने के लिए चलाये जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम का महापौर विकास शर्मा एवं नगर आयुक्त नरेश दुर्गापाल ने शुभारम्भ किया। इस दौरान उन्होंने आजीविका केन्द्र में व्यवस्थाओं का जायजा लिया और महिलाओं समूहों द्वारा उत्पादित वस्तुओं को भी देखा। 

इस अवसर पर महापौर विकास शर्मा ने कहा दीन दयाल अंत्योदय योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास लगातार किये जा रहे हैं। प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 10000 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा है। जिसके तहत प्रदेश भर में महिलाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। इसी के तहत उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यू कॉस्ट) द्वारा साई इंस्टीट्यूट आफ स्किल डेवलपमेंट के सहयोग से नगर निगम के आजीविका केन्द्र में जूट के बैग बनाने, ऐपण कला, गुलदस्ते बनाने, सहित अन्य स्वरोजगार आधारित 15 दिवसीय प्रशिक्षण चलाएं जा रहे हैं जिनमें 20-20 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कई महिलाएं प्रशिक्षण ले चुकी हैं आगे भी स्वयं सहायता से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षण का कार्यक्रम लगातार चलाया जा रहा है। इस शिविर में तकनीकी प्रशिक्षण के साथ साथ व्यवहारिक ज्ञान एवं उद्यमिता विकास का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है ताकि प्रशिक्षण के उपरांत यह महिलाएं अपने खुद का उद्यम प्रारंभ कर सकें अथवा वे कहीं पर अपने लिए रोजगार ढूंढ सकें। 

 

महापौर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ओर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का अधिक से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का सपना है। इस पर नगर निगम भी अपने स्तर से पूरा प्रयास कर रहा है। नगर निगम ने कई काम महिला स्वयं सहायता समूहों को सौंप रखे हैं। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का यूजर चार्ज महिलाएं वसूल रही हैं। पार्कों के सौंदर्यीकरण और रखरखाव का काम भी नगर निगम ने महिला समूहों को सौंपा है। अब वार्डों में ट्रेड टैक्स लगाने एवं कामर्शियल वैरिफिकेशन का काम भी महिला स्वयं सहायता समूहों से कराया जा रहा है, इसकी शुरूआत वार्ड नंबर एक से हो चुकी है। नगर निगम महिला समूहों द्वारा उत्पादित वस्तुओं को बाजार उपलब्ध कराने का भी प्रयास कर रहा है। ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि वेंडिंग जोन में स्थित खान पान की दुकानों में प्रयोग होने वाले मसाले महिला समूहों से ही लिये जायें। शीघ्र ही ऐसी व्यवस्था की जायेगी जिससे समूहों द्वारा उत्पादित वस्तुएं ऑनलाईन भी बेची जा सके। इसके अलावा विभिन्न स्कूलों की डेªसें बनाने का काम भी महिला समूहों को दिलाने के प्रयास किये जा रहे हैं। साथ ही पुलिस, पीएसी और सिडकुल की विभिन्न कंपनियों की डेªसों को बनाने, धुलाई करने और प्रेस करने का काम भी महिलाओं को दिलाने लिए बात की जायेगी। महापौर ने कहा कि महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने के लिए आजीविका केन्द्र में जिन भी संसाधनों की आवश्यकता होगी उन्हें नगर निगम के माध्यम से पूरा किया जायेगा।

 

इस दौरान महिला समूहों द्वारा उत्पादि वस्तुओं को देखा और उनकी सराहना की। इस दौरान नगर आयुक्त नरेश दुर्गापाल, उपनगर आयुक्त शिप्रा जोशी पाण्डे,यूकॉस्ट एवं साई इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष संजीव भटनागर ,ममता आर्य,रेनू शर्मा,रंजना सक्सेना, ममता , निर्मला, उमा सकलानी, दीपा सहित तमाम महिलाएं मौजूद रही।

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Manish Kashyap
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