एपेक्स ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशंस, रामपुर (उत्तर प्रदेश) में 12–13 मार्च 2026 को द्वितीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “International Conference on Interdisciplinary Research in Technology, Management, Pharmacy and Education (ICIRTMPE–2026)” का आयोजन हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन) में सफलतापूर्वक किया गया। सम्मेलन का मुख्य विषय “Sustainable Development through Innovation and Interdisciplinary Approaches” रहा, जिसका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों के शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और उद्योग विशेषज्ञों को एक साझा मंच प्रदान करना था, जहाँ वे अपने शोध कार्यों, नवीन विचारों और तकनीकी नवाचारों को साझा कर सकें।

सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी के कुलपति प्रो. (डॉ.) नवीन चंद्र लोहनी ने अपने संबोधन में अंतर्विषयक अनुसंधान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, प्रबंधन और शिक्षा के क्षेत्र में समन्वित प्रयासों के माध्यम से ही सतत विकास संभव है।
इस अवसर पर संस्थान के पैट्रन श्री आर. पी. सिंह एवं श्री अशोक अदलखा ने ऐसे शैक्षणिक आयोजनों के महत्व को रेखांकित करते हुए संस्थान की अनुसंधान एवं नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को व्यक्त किया। पैट्रन डॉ. प्रदीप अदलखा एवं श्री चेतन भसीन ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए ऐसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों को ज्ञान-विनिमय और शोध को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। इस अवसर पर डॉ. आर. बी. सिंह, प्रधानाचार्य राजकीय पॉलिटेक्निक चमरौआ ने सतत विकास और जल संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में अनुसंधान की आवश्यकता पर अपने विचार प्रस्तुत किए, जबकि डॉ. अश्वनी कुमार विभागाध्यक्ष मैकेनिकल इंजीनियरिंग ने आधुनिक तकनीकों और नवाचार आधारित शोध की भूमिका पर प्रकाश डाला।

संस्थान के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. मंदीप सिंह ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रकार के सम्मेलन शिक्षाविदों, शोधार्थियों और उद्योग विशेषज्ञों के बीच संवाद स्थापित करने का प्रभावी मंच प्रदान करते हैं। सम्मेलन के संयोजक डॉ. धीरज गुणवन्त ने सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों तथा प्रतिष्ठित संस्थानों से 200 से अधिक शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों ने भाग लिया।
सम्मेलन के दौरान भारत एवं विदेशों से आए प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों द्वारा कीनोट व्याख्यान भी प्रस्तुत किए गए। इन व्याख्यानों में उभरती प्रौद्योगिकियों, सतत विकास, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जल संसाधन प्रबंधन तथा शिक्षा और प्रबंधन के क्षेत्र में नवीन शोध एवं नवाचारों पर विस्तृत चर्चा की गई। इन व्याख्यानों से प्रतिभागियों को वैश्विक स्तर पर हो रहे शोध कार्यों और नई संभावनाओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई।
दो दिवसीय इस सम्मेलन के अंतर्गत विभिन्न विषयों पर तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया, जिनमें प्रतिभागियों द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सतत विकास, जल संसाधन प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, शिक्षा, प्रबंधन तथा फार्मेसी से संबंधित समकालीन विषयों पर अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। इन सत्रों में विशेषज्ञों द्वारा शोध पत्रों पर सार्थक चर्चा करते हुए प्रतिभागियों को उपयोगी सुझाव भी प्रदान किए गए।
सम्मेलन के सफल आयोजन में आयोजन समिति के सदस्यों डॉ. गुरप्रीत सिंह, डॉ. मनोज भारद्वाज, डॉ. पूजा पाठक, श्री गौरव सक्सेना तथा श्री गौरव कालरा, श्री प्राश अदलखा का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आशा व्यक्त की कि इस प्रकार के सम्मेलन भविष्य में भी अनुसंधान और नवाचार को नई दिशा प्रदान करेंगे।



