उत्तराखंड के कोटद्वार में एक मुस्लिम बुजुर्ग दुकानदार के साथ कथित तौर पर हुई बदसलूकी के दौरान उनके समर्थन में खड़े होने वाले दीपक कुमार इन दिनों देशभर में चर्चा का विषय बने हुए हैं। दीपक के साहस और इंसानियत भरे कदम की जमकर सराहना करते हुए झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने उन्हें “सच्चा हिंदुस्तानी” बताते हुए दो लाख रुपये की सम्मान राशि देने की घोषणा की है।
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट साझा करते हुए दीपक और मुस्लिम बुजुर्ग की एआई जेनरेटेड तस्वीर भी पोस्ट की। उन्होंने लिखा कि जब देश में नफरत फैलाने की कोशिशें तेज़ हैं, ऐसे वक्त में दीपक ने भाईचारे और मोहब्बत की जो मिसाल पेश की है, वह पूरे हिंदुस्तान के लिए प्रेरणादायक है।
“मोहम्मद दीपक” बनकर दिखाई असली हिंदुस्तानियत
मंत्री इरफान अंसारी ने बताया कि जब भीड़ ने दीपक से उनका नाम पूछा तो उन्होंने खुद को “मोहम्मद दीपक” बताया। मंत्री ने कहा कि यह सिर्फ एक जवाब नहीं, बल्कि देश की गंगा-जमुनी तहज़ीब का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने लिखा कि दीपक ने जिस हिम्मत, समझदारी और दिलेरी से मुस्लिम बुजुर्ग का बचाव किया, वह असली देशभक्ति है।
“हिंदुस्तान की आत्मा में नफरत नहीं, मोहब्बत है”
अपने बयान में इरफान अंसारी ने कहा कि हिंदुस्तान किसी मज़हब से नहीं, बल्कि इंसानियत से चलता है। हमारी लड़ाई किसी समुदाय से नहीं, बल्कि उस सोच से है जो देश को बांटने का काम करती है। दीपक ने यह साबित कर दिया कि अंत में जीत मोहब्बत की ही होती है।
उन्होंने अपने चार महीने के वेतन में से दो लाख रुपये दीपक को देने का ऐलान किया।
झारखंड बुलाकर किया जाएगा सम्मानित
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वह जल्द ही दीपक कुमार को झारखंड बुलाकर स्वयं अपने हाथों से सम्मानित करेंगे। यह सम्मान किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उस सोच का होगा जो देश को जोड़ती है, तोड़ती नहीं।
क्या है पूरा मामला
बताया जा रहा है कि 26 जनवरी को उत्तराखंड के कोटद्वार में “बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर” नाम से दुकान चलाने वाले मुस्लिम बुजुर्ग वकील अहमद पर कुछ लोगों ने दुकान के नाम से “बाबा” शब्द हटाने का दबाव बनाया। माहौल गरमाने पर दीपक कुमार बुजुर्ग के समर्थन में सामने आए और डटकर उनका बचाव किया।
दीपक का यही कदम आज उन्हें देशभर में भाईचारे, इंसानियत और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल बना चुका है।



