रुद्रपुर/हल्द्वानी। नैनीताल जिले के हल्द्वानी में किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या के मामले ने सबको हिला दिया है। मृतक किसान के परिजनों की तहरीर पर काशीपुर कोतवाली आईटीआई में 26 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि जमीन सौदे में करोड़ों रुपये की ठगी और लगातार मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना के चलते सुखवंत सिंह ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।
बताया गया कि 10 जनवरी 2026 की रात काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह ने हल्द्वानी के काठगोदाम थाना क्षेत्र अंतर्गत गौलापार स्थित एक होटल में आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कई प्रॉपर्टी डीलरों और उधम सिंह नगर जिले के कुछ पुलिस अधिकारियों पर उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। 11 जनवरी की देर शाम उनका शव काशीपुर लाया गया, जहां परिजनों ने वीडियो को साक्ष्य मानते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और मामले की सीबीआई जांच की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए 12 जनवरी की सुबह जिले के एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने थाना आईटीआई के प्रभारी निरीक्षक और एक उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया, जबकि पैगा चौकी के चौकी प्रभारी सहित 10 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया।
अब मृतक के भाई परविंदर सिंह की तहरीर पर थाना आईटीआई पुलिस ने 26 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। तहरीर के अनुसार, परविंदर और सुखवंत सिंह ने बक्सौरा कुंडा निवासी बलवंत सिंह उर्फ काला और कुलवंत सिंह से करीब 7 एकड़ जमीन खरीदी थी। बाद में विक्रेताओं ने बताया कि उक्त जमीन पहले ही प्रॉपर्टी डीलरों को बेची जा चुकी है और सौदा उन्हीं से करने को कहा गया।
आरोप है कि इसके बाद प्रॉपर्टी डीलरों से 34 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से 6.84 एकड़ जमीन का सौदा तय हुआ। रजिस्ट्री के दिन 50 लाख रुपये देने के लिए तैयार होने के बावजूद रजिस्ट्री नहीं की गई। लंबे समय तक टालमटोल के बाद भी जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई गई। आरोप है कि जमीन के नाम पर खातों के जरिए 1 करोड़ 2 लाख रुपये और नकद समेत कुल 2 करोड़ 80 लाख रुपये दिए गए, जिससे कुल ठगी की रकम 3 करोड़ 82 लाख रुपये हो गई।
तहरीर में यह भी कहा गया है कि विवाद सुलझाने के नाम पर रिश्तेदार सुखवंत सिंह पन्नू को आगे किया गया, जिसने अन्य आरोपियों से मिलकर बाजपुर रोड पर एक अन्य प्लॉट का सौदा 4 करोड़ 5 लाख रुपये में करा दिया। परविंदर सिंह का आरोप है कि लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से टूटकर उसके भाई सुखवंत सिंह ने आत्महत्या कर ली।
फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।



