**एसएसपी अजय गणपति का बड़ा एक्शन,**आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती को भेजी संस्तुति; एसपी क्राइम अनुषा बडोला को सौंपी गई जांच की जिम्मेदारी**
रुद्रपुर/काशीपुर। उत्तर प्रदेश के एक लाख रुपये के इनामी गैंगस्टर योगेश भदौड़ा को काशीपुर से गिरफ्तार कर जेल भेजने के मामले में ऊधमसिंह नगर पुलिस विभाग में कार्रवाई तेज हो गई है। सूत्रों की. माने तो मामले में लाइन हाजिर किए गए तत्कालीन आईटीआई कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर विक्रम राठौर की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रारंभिक जांच पूरी होने के बाद एसएसपी ऊधमसिंहनगर आईपीएस अजय गणपति ने विक्रम राठौर के निलंबन की संस्तुति आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती को भेजी है। इसके साथ ही उनके खिलाफ नियमों के तहत 14(1) की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई की जांच एसपी क्राइम अनुषा बडोला को सौंपी गई है।
विक्रम राठौर का तबादला ऊधमसिंह नगर से पिथौरागढ़ हो चुका है। ऐसे में उनके निलंबन की संस्तुति आईजी कुमाऊं को भेजे जाने के बाद पुलिस महकमे में इस प्रकरण को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब सभी की नजरें विभागीय कार्रवाई के अगले चरण और जांच के निष्कर्षों पर टिकी हैं।
## क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 8 जुलाई 2026 को काशीपुर के आईटीआई थाना क्षेत्र में पुलिस ने योगेश मलिक उर्फ योगेश भदौड़ा को गिरफ्तार किया था। बताया गया कि पुलिस को चैती मेला मार्ग पर एक खंडहर के पास संदिग्ध व्यक्ति के मौजूद होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने उसे हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से .315 बोर का तमंचा और तीन कारतूस बरामद होने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी।
गिरफ्तारी के बाद यह मामला तब सुर्खियों में आया, जब तत्कालीन आईटीआई कोतवाली प्रभारी विक्रम राठौर को लाइन हाजिर कर दिया गया और मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की गई। अब प्रारंभिक जांच पूरी होने के बाद उनके निलंबन की संस्तुति भेजने के साथ 14(1) की कार्रवाई शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस कार्रवाई की जांच एसपी क्राइम अनुषा बडोला को सौंपी गई है।
## कौन है योगेश भदौड़ा? जानिए आपराधिक इतिहास
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के रोहटा थाना क्षेत्र स्थित भदौड़ा गांव का निवासी योगेश मलिक उर्फ योगेश भदौड़ा लंबे समय से आपराधिक मामलों को लेकर चर्चा में रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उत्तर प्रदेश पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
### हत्या से लेकर गैंगस्टर एक्ट तक 46 मुकदमों का जिक्र
### गैंगवार से भी जुड़ा रहा नाम
### जेल से रिहाई के बाद फरार रहने का मामला
प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, योगेश भदौड़ा लंबे समय तक सिद्धार्थनगर जेल में बंद रहा था। रिहाई के बाद न्यायालय में पेश नहीं होने और फरार रहने के मामले के चलते उत्तर प्रदेश पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके बाद उत्तराखंड के काशीपुर में उसकी गिरफ्तारी हुई।
## अब जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
गैंगस्टर योगेश भदौड़ा की गिरफ्तारी से शुरू हुआ मामला अब इंस्पेक्टर विक्रम राठौर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई तक पहुंच गया है। एसएसपी अजय गणपति की ओर से निलंबन की संस्तुति भेजे जाने और 14(1) की कार्रवाई शुरू किए जाने के बाद जांच की जिम्मेदारी एसपी क्राइम अनुषा बडोला को दी गई है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में क्या निष्कर्ष सामने आते हैं और संबंधित अधिकारियों के स्तर पर आगे क्या निर्णय लिया जाता है।



